सभी धार्मिक व प्रथागत रीति-रिवाज़ों का सम्मान करता है उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता अधिनियम
देहरादून। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता अधिनियम, 2024 के तहत विवाह समारोह उसी परंपरागत तरीके से संपन्न किए जा सकेंगे जैसे अब तक होते आए हैं। चाहे वह “सप्तपदी”, “निकाह”, “आशीर्वाद”, “होली …
