• Dehradun
  • February 22, 2026
Valley of Flowers
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घांघरिया से सुबह 7 बजे रवाना हुआ पहला दल, 83 सैलानियों ने पहले दिन किया भ्रमण

चमोली। विश्व धरोहर स्थलों में शुमार उत्तराखंड की फूलों की घाटी (valley of flowers)एक बार फिर सैलानियों के स्वागत के लिए सज गई है। निर्धारित समयानुसार रविवार, 1 जून से घाटी को आम पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। सुबह 7 बजे घांघरिया से पर्यटकों का पहला जत्था घाटी की ओर रवाना हुआ।

खूबसूरत प्राकृतिक नजारों से भरपूर इस घाटी में पहले ही दिन 83 पर्यटकों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से पंजीकरण कर प्रवेश किया। वहीं, जून माह के लिए अब तक 62 अतिरिक्त पर्यटक ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में सैलानियों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है।

हर साल हजारों की तादाद में देश-विदेश से पर्यटक इस घाटी की ओर रुख करते हैं। यहां हर वर्ष 1 जून को घाटी का द्वार पर्यटकों के लिए खोला जाता है, जो 31 अक्टूबर तक खुला रहता है। इसके बाद सर्दियों के मौसम में घाटी को बंद कर दिया जाता है।

बर्फ के पिघलने के बाद घाटी में रंग-बिरंगे फूलों की बहार शुरू हो जाती है, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। जुलाई और अगस्त का महीना यहां का पीक सीजन माना जाता है, जब घाटी में 350 से अधिक प्रकार के फूल पूरी तरह खिल जाते हैं। पूरे पर्यटन सीजन में घाटी में 500 से भी अधिक फूलों की प्रजातियाँ खिलती हैं, जो इस स्थान को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बना देती हैं।

फूलों की घाटी पर ये सवाल आपकी मदद करेंगे

1. फूलों की घाटी कब खुलती और बंद होती है? (Valley of Flowers open and close time?)
फूलों की घाटी हर वर्ष 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। इस अवधि के बाद, भारी बर्फबारी के कारण घाटी बंद कर दी जाती है।

2. फूलों की घाटी घूमने का सबसे अच्छा समय क्या है? What is the best time to visit Valley of Flowers?
जुलाई से अगस्त के मध्य तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब घाटी में फूलों की बहार होती है। इस समय आप ब्रह्मकमल, एनेमोनी, ऑर्किड्स, गेरैनियम्स और गोल्डन लिली जैसे दुर्लभ फूलों को देख सकते हैं।

3. घाटी में प्रवेश के लिए शुल्क कितना है? How much is the entry fee to the valley?
घांघरिया में वन विभाग के चेक पोस्ट पर प्रवेश शुल्क (2025) लिया जाता है:

भारतीय नागरिकों के लिए: ₹150 प्रति व्यक्ति (3 दिन के लिए)

विदेशी नागरिकों के लिए: ₹600 प्रति व्यक्ति (3 दिन के लिए)

अतिरिक्त दिन के लिए: ₹50 (भारतीय) / ₹250 (विदेशी) प्रति दिन

4. क्या ऑनलाइन पंजीकरण आवश्यक है?
हाँ, पर्यटकों को उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करना आवश्यक है। यह प्रक्रिया यात्रा को सुविधाजनक और सुगम बनाती है। पर्यटक उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट valleyofflower.uk.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।

5. फूलों की घाटी ट्रेक कितना कठिन है?
यह ट्रेक मध्यम कठिनाई स्तर का है, जो लगभग 38 किलोमीटर लंबा है और अधिकतम ऊँचाई 13,780 फीट तक पहुँचती है। पहली बार ट्रेक करने वालों के लिए यह उपयुक्त है, बशर्ते वे शारीरिक रूप से फिट हों।

6. फूलों की घाटी तक कैसे पहुँचा जा सकता है? How to reach Valley of Flowers?
देहरादून से जोशीमठ तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। जोशीमठ से गोविंदघाट तक वाहन से और फिर पुलना गाँव तक 4 किलोमीटर की दूरी वाहन से तय की जा सकती है। पुलना से घांघरिया तक 10 किलोमीटर का ट्रेक है, जो फूलों की घाटी का बेस कैंप है।

7. फूलों की घाटी में कहाँ ठहर सकते हैं?
घांघरिया में GMVN लॉज, गेस्ट हाउस और होमस्टे जैसी ठहरने की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। घाटी के अंदर रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं है, इसलिए पर्यटकों को घांघरिया में ही ठहरना होता है।

8. ट्रेक के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
मानसून के दौरान रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए ट्रेकिंग शूज़ पहनें।पानी की बोतल, रेनकोट, ऊनी कपड़े और प्राथमिक चिकित्सा किट साथ रखें।पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें और कचरा न फैलाएँ

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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