• Dehradun
  • February 22, 2026
0 Comments

देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Uttarakhand panchayat chunav 2025) की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।  राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य में आज से आचार संहिता लागू कर दी गई है। सभी 12 जिलों (हरिद्वार को छोड़कर) में पंचायत चुनाव दो चरणों में संपन्न कराए जाएंगे।

चुनाव कार्यक्रम का विवरण:

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 19 जून को पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, जिसके बाद सचिव पंचायती राज द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई। आयोग ने अब इसे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर दिया है।

  • 23 जून को सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में अधिसूचना जारी करेंगे।

  • नामांकन प्रक्रिया 25 से 28 जून तक सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी।

  • नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी।

  • नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

मतदान दो चरणों में:

  • प्रथम चरण का मतदान 10 जुलाई को होगा, प्रतीक आवंटन 3 जुलाई को किया जाएगा।

  • द्वितीय चरण का मतदान 15 जुलाई को होगा, प्रतीक आवंटन 8 जुलाई को होगा।

  • मतगणना 19 जुलाई 2025 को विकासखंड स्तर पर संपन्न होगी।

इन पदों के लिए होंगे चुनाव:

चुनाव ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए कराए जाएंगे।

बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, तैयारियां तेज

राज्य में पंचायत चुनावों की अधिसूचना के बाद गांव से लेकर जिला स्तर तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बागेश्वर जिले के तीनों ब्लॉक का चुनाव एक ही चरण में होगा, जबकि देहरादून जिले के छह ब्लॉक को दोनों चरणों में बांटा गया है। दूरदराज के ब्लॉकों में मानसून की बाधा से बचने के लिए उन्हें पहले चरण में रखा गया है।

व्यापक इंतजाम, रिकॉर्ड संख्या में नए मतदाता

इस बार के पंचायत चुनाव में 4,56,793 नए मतदाता शामिल हो रहे हैं, जो पिछले चुनाव की तुलना में 10.5% अधिक हैं। कुल 66 हजार से अधिक पदों के लिए मतदान होगा।

चुनाव प्रक्रिया के संचालन में—

  • 95,000 अधिकारी-कर्मचारी,

  • 35,700 सुरक्षाकर्मी,

  • 5,600 वाहन और

  • 10,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

एक बूथ पर औसतन 750 मतदाताओं की व्यवस्था रहेगी। चुनाव पर्यवेक्षण के लिए 55 सामान्य प्रेक्षक और 12 आरक्षित प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। हालांकि इस बार व्यय प्रेक्षक तैनात नहीं किए जाएंगे, लेकिन जिला प्रशासन को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा

दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 18001804280 जारी किया गया है, जिससे वे आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकें।

चुनाव ड्यूटी पर लगे कार्मिकों को मिलेगा बीमा

चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रस्तावित है, जिसकी स्वीकृति शासन को भेज दी गई है। आपदा प्रबंधन सचिव को भी मौसम को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हो। उत्तराखंड में लोकतंत्र का यह महापर्व एक बार फिर राज्य की ग्राम्य शासन व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Author

uttarakhandinsight18@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *