देहरादून। प्रदेश में यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर आने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच भाजपा नेता धर्मेंद्र चौहान के स्कूल का नाम सामने आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
रविवार को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में जिस स्कूल से पेपर लीक होने की बात सामने आई है, वह स्कूल हरिद्वार जिले में भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र चौहान का है। इससे पहले वह भाजपा किसान मोर्चा में जिला महामंत्री समेत कई पदों पर रह चुके हैं। पार्टी में उनकी अच्छी पकड़ रही है, लेकिन अब पेपर लीक प्रकरण ने संगठन की किरकिरी बढ़ा दी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस कक्ष से पेपर लीक की बात सामने आई, वहां स्कूल स्टाफ की कोई ड्यूटी नहीं थी। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चौहान का इस प्रकरण से कोई सीधा संबंध नहीं है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर चौहान के स्कूल की तस्वीरें और मुख्यमंत्री के साथ उनकी पुरानी तस्वीरें वायरल होने से विवाद और गहरा गया है।
दो साल पहले भी भाजपा नेता गिरफ्तार
यह पहला मौका नहीं है जब भर्ती परीक्षा में भाजपा नेताओं का नाम चर्चा में आया हो। अप्रैल 2023 में लोक सेवा आयोग की पटवारी, जेई और एई भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय धारीवाल को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। धारीवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित हुआ था।
भाजपा संगठन सतर्क
मामला संवेदनशील होने के चलते भाजपा संगठन भी सतर्क हो गया है। पार्टी हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है और जिला संगठन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
