Uttarakhand Government
  • Dehradun
  • October 10, 2026
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को शहीद राइफलमैन नरेश कुमार के सहस्त्रधारा रोड स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीद स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट की और उनके आंगन की मिट्टी संग्रहित की, जिसे देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम (शौर्य स्थल) में स्थापित किया जाएगा।

शहीदों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा, “हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह हमारे लिए गर्व का अवसर है कि हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया।”

शहीद परिवारों के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

  • 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को योग्यता अनुसार नौकरी दी जा चुकी है, 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है।

  • शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।

  • परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकों और उनकी विधवाओं को मिलने वाली राशि 50 लाख से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।

  • पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि मानदेय भी बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

यात्रा की अवधि और उद्देश्य

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस वर्ष 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक यह यात्रा आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर उनके आंगन की पवित्र मिट्टी एकत्र करेंगे। यह मिट्टी सैन्यधाम के लोकार्पण से पूर्व वहां स्थापित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर को शहीद सम्मान यात्रा रथ को लैंसडाउन रवाना किया जाएगा, जहां शहीद परिवारों को सम्मानित करने के लिए सैनिक सम्मान समारोह आयोजित होगा।

पृष्ठभूमि

प्रदेश में शहीद सम्मान की यह परंपरा 2021 से शुरू हुई थी। अब तक 1734 शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी सैन्यधाम लाई जा चुकी है। इस बार उन 71 शहीदों की मिट्टी एकत्र की जाएगी, जिनकी शहादत वर्ष 2021 से 2025 के बीच हुई है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल (वेटरन) आदित्य श्रीवास्तव, बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनंद राणा समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

Author

uttarakhandinsight18@gmail.com

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