देहरादून | 10 फरवरी 2026- प्रशासन की बड़ी कार्रवाई- जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में ग्राम गल्जवाड़ी, तहसील देहरादून में बरसाती नाले पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया।
8 मीटर लंबी पक्की दीवार ध्वस्त
शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा स्थलीय व अभिलेखीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि खसरा संख्या 933 एवं 1185 के मध्य स्थित खसरा संख्या 962क के रूप में दर्ज बरसाती नाले पर लगभग 8 मीटर लंबी पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण कर प्राकृतिक जल प्रवाह को बाधित किया गया था।
प्रशासन ने मौके पर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर नाले की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
अवैध प्लाटिंग की पुष्टि
गढ़ी कैंट घंघोड़ा क्षेत्र के निवासियों द्वारा शिकायत की गई थी कि जितेन्द्र मलिक (सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी) एवं उनके परिजनों द्वारा ग्राम गल्जवाड़ी में लगभग 77 बीघा भूमि में अवैध प्लाटिंग की जा रही है।
इसके साथ ही ग्राम यदुवाला की 18 बीघा सरकारी भूमि तथा खाबड़वाला क्षेत्र की लगभग 80 बीघा जलमग्न भूमि पर कब्जे का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया गया था।
भूमि अभिलेखों की स्थिति
राजस्व अभिलेखों के अनुसार:
खाता खतौनी संख्या 123 के अंतर्गत खसरा संख्या 1164, 1165, 1166, 1167, 1168, 1169, 1179, 1180, 1184, 1185 एवं 931क भूमि कुनाल सिंह मलिक एवं प्रिंस आनंद के नाम दर्ज पाई गई।
खाता खतौनी संख्या 65 के अंतर्गत खसरा संख्या 933क (0.4490 हेक्टेयर) भूमि धीरज भाटिया आदि के नाम दर्ज है।
इनके मध्य स्थित बरसाती नाले की भूमि पर अवैध निर्माण पाया गया।
वन विभाग भी करेगा जांच
निरीक्षण के दौरान खसरों में साल के वृक्ष पाए गए। वृक्षों के सूखने अथवा क्षति को लेकर वन विभाग द्वारा पृथक जांच की जा रही है।
हालांकि राजस्व टीम ने स्पष्ट किया कि दर्ज भूमि पर प्लाटिंग की जा रही थी, लेकिन नाले की भूमि पर अतिक्रमण पूर्णतः अवैध था, जिस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक जलस्रोतों, नालों एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग एवं भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
