कोटद्वार: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने आज फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ 50-50 हजार रुपये का अर्थ दंड और अंकिता के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने का फैसला भी कोर्ट ने दिया। कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट में 30 जनवरी, 2023 को मामले की पहली सुनवाई शुरू हुई थी। एसआईटी जांच के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 500 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया गया
पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव निवासी बीरेंद्र भंडारी और सोनी भंडारी की 19 वर्षीय बेटी अंकिता भंडारी भी अपने समवयस्कों की तरह सपनों, आकांक्षाओं और उम्मीदों से भरी हुई थीं। वह न केवल अपनी शिक्षा पूरी करने की कोशिश कर रही थीं, बल्कि रोजगार के जरिए अपने परिवार की आर्थिक मदद भी करना चाहती थीं।
घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण अंकिता ने अपने एक मित्र की सहायता से ऋषिकेश के निकट यमकेश्वर विकासखंड के गंगा भोगपुर तल्ला स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में 28 अगस्त 2022 को रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करना शुरू किया। लेकिन इस नौकरी को शुरू किए अभी 20 दिन भी नहीं बीते थे कि 18 सितंबर 2022 की रात वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं।
मामला जब सार्वजनिक और संवेदनशील बना, तो 22 सितंबर को जिला प्रशासन ने गुमशुदगी की जांच रेगुलर पुलिस को सौंप दी। उसी रात पुलिस ने रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों — सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता — को गिरफ्तार कर लिया। इसके दो दिन बाद, 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद किया गया।
इसके बाद कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) में इस मामले की कुल 88 बार सुनवाई हुई। 30 जनवरी 2023 को मामले की पहली सुनवाई शुरू हुई थी, और अब दो साल आठ महीने बाद, शुक्रवार को अदालत ने इस बहुचर्चित हत्याकांड में अपना निर्णय सुनाने की प्रक्रिया पूरी की है।
