हरिद्वार, 27 मई 2025
हरिद्वार जिले की सीबीआई स्पेशल मजिस्ट्रेट संदीप भंडारी की अदालत ने सोमवार को एक 16 साल पुराने दहेज उत्पीड़न और अवैध हिरासत के मामले में भाजपा विधायक आदेश चौहान, उनकी भांजी दीपिका चौहान, तत्कालीन पुलिस अधिकारी दिनेश कुमार, और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रौतेला को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
कोर्ट ने विधायक आदेश चौहान और दीपिका को छह-छह महीने की सजा, जबकि दिनेश कुमार और राजेंद्र रौतेला को एक-एक साल की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को कोर्ट से जमानत मिल गई।
मामला क्या है?
यह प्रकरण वर्ष 2009 का है, जब आदेश चौहान भाजपा के उपाध्यक्ष थे। उनकी भांजी दीपिका चौहान ने सेवानिवृत्त लेक्चरर डीएस चौहान के बेटे मनीष चौहान से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया और मामला गंगनहर थाने तक पहुंचा।
आरोप है कि 11 जुलाई 2009 को दीपिका और आदेश चौहान की ओर से समझौते के नाम पर डीएस चौहान को पांच लाख रुपये के साथ थाने बुलाया गया, जहां उन्हें लॉकअप में अवैध रूप से बंद कर दिया गया।
कैसे बढ़ा मामला?
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लोकायुक्त ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन तीन सीओ की टीम ने रिपोर्ट में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी।
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इसके बाद डीएस चौहान हाईकोर्ट पहुंचे, जिन्होंने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए।
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सीबीआई ने वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज किया और 2022 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में आरोप तय किए गए।
कोर्ट का निष्कर्ष
विचारण के बाद कोर्ट ने पाया कि दीपिका चौहान और आदेश चौहान ने झूठे साक्ष्य तैयार किए और पीड़ित के खिलाफ दुरुपयोग करते हुए मारपीट की। वहीं पुलिस अधिकारियों को अवैध हिरासत और कानून का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया।
गौरतलब है कि इस मामले में एक अन्य आरोपी इंस्पेक्टर आरके चमोली की मृत्यु हो चुकी है।
