चम्पावत | 27 नवंबर 2025- मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को चम्पावत जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया और जिले में चल रही विकास गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चम्पावत को पर्यटन, योग–वेलनेस और आध्यात्मिक पर्यटन की नई पहचान दिलाने के लिए योजनाओं को प्राथमिकता और तेज़ी से लागू किया जाए।
बस टर्मिनल चम्पावत—यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि
मुख्य सचिव ने सबसे पहले प्रस्तावित बस टर्मिनल चम्पावत का निरीक्षण किया।
सीएनडीएस के अधिशासी अभियंता श्री गिरीश पंत ने टर्मिनल की संपूर्ण रूपरेखा और प्रस्तावित संरचना का प्रस्तुतीकरण किया।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए—
टर्मिनल के भीतर सुव्यवस्थित इनसाइड सर्कुलेशन सुनिश्चित किया जाए।
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने हेतु आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जाए।
आधुनिक यात्री सुविधाओं को शामिल कर टर्मिनल को मॉडल स्वरूप में विकसित किया जाए।
मायावती आश्रम—आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इसके बाद मुख्य सचिव ने मायावती आश्रम का भ्रमण किया, जहाँ स्वामी दिव्य कृपानंद जी ने उन्हें आश्रम परिसर, ऐतिहासिक स्थानों और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि मायावती आश्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है और इस दिशा में विशेष पहल की जानी चाहिए।
कोलीढेक झील—योग व वेलनेस हब बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कोलीढेक झील का निरीक्षण करते हुए इसे ‘स्पिरिचुअल ज़ोन’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि—
झील क्षेत्र को योग, वेलनेस और मेडिटेशन गतिविधियों के लिए विशेष रूप से विकसित किया जाए।
मत्स्य विभाग महाशीर मछली संरक्षण हेतु आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि कोलीढेक झील चम्पावत के पर्यटन परिदृश्य को नया आयाम दे सकती है।
एबट माउंट—हिमालय दृश्यावलियों वाला अत्यंत संभावनाशील पर्यटन स्थल
मुख्य सचिव ने एबट माउण्ट का भी निरीक्षण किया और इसे पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने—
एबट माउण्ट से दिखने वाली हिमालय की विस्तृत श्रृंखलाओं का अवलोकन किया।
ऐतिहासिक चर्च व आसपास के क्षेत्रों की भौगोलिक–सांस्कृतिक जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि एबट माउण्ट में नैचुरल, एडवेंचर और इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं और इन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना आवश्यक है।
