• Dehradun
  • February 22, 2026
0 Comments

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की अभूतपूर्व संख्या देखी जा रही है। चारधाम यात्रा में अब तक लगभग 32 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि कुल पंजीकरण 44 लाख से अधिक हो चुका है। खास बात यह है कि अब तीर्थयात्रा सिर्फ चारधाम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि श्रद्धालु अन्य मंदिरों और धार्मिक स्थलों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिससे अन्य क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
चारधामों के लिए अब तक हुए पंजीकरण इस प्रकार हैं:
यमुनोत्री: 7,13,456
गंगोत्री: 7,80,554
केदारनाथ: 14,43,513
बद्रीनाथ: 13,36,923
हेमकुंड साहिब: 1,69,180
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने न केवल चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है, बल्कि अन्य धार्मिक स्थलों के प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इसका प्रत्यक्ष लाभ अब कार्तिकेय स्वामी मंदिर (रुद्रप्रयाग) और जगन्नाथ मंदिर (उत्तरकाशी) जैसे स्थलों को मिल रहा है।
विस्तार में प्रमुख उदाहरण:
कार्तिकेय स्वामी मंदिर में पिछले वर्ष जहां हजारों तीर्थयात्री पहुंचे थे, इस बार इस संख्या में और वृद्धि देखी जा रही है।
उत्तरकाशी स्थित जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष अब तक 25,000 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
इन स्थलों पर होटल, रेस्टोरेंट, प्रसाद विक्रेता, परिवहन और अन्य स्थानीय सेवाओं की मांग में तेजी आई है, जिससे स्थानीय निवासियों की आजीविका को सीधा लाभ मिल रहा है।
“उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियों का तेज होना आवश्यक है। उत्तराखंड देवभूमि है, यहां प्रत्येक देवालय का अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। सरकार सभी तीर्थ स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है।” पुष्कर धामी (मुख्यमंत्री उत्तराखंड)
चारधाम के साथ-साथ अन्य तीर्थ स्थलों की लोकप्रियता यह संकेत देती है कि उत्तराखंड तीर्थ पर्यटन का व्यापक केंद्र बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

Author

uttarakhandinsight18@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *