काशीपुर/हल्द्वानी।उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों और कथित “वीआईपी” संरक्षण को लेकर आज जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, इंक़लाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने काशीपुर और हल्द्वानी में अलग-अलग स्थानों पर पुतला दहन कर राज्य सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया और सीबीआई जांच व कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की।
काशीपुर में पुतला दहन
काशीपुर में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने मुख्यमंत्री धामी सरकार का पुतला फूंका। सभा को संबोधित करते हुए संगठन की सचिव समन ने कहा कि शुरू से ही “वीआईपी” को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे देने वाली पार्टी के नेता लगातार महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लिप्त पाए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी उन्हें संरक्षण दे रही है।
इंक़लाबी मजदूर केंद्र के सचिव पंकज ने कहा कि पूंजीवाद ने महिला के शरीर को यौन वस्तु में बदल दिया है और भारत में भी शक्तिशाली लोग महिलाओं के खिलाफ अपराधों में संलिप्त पाए जाते हैं। उन्होंने भाजपा और उसके आईटी सेल पर आरोप लगाया कि नेता दोषी होते हुए भी उनके समर्थन में खड़े रहते हैं।
