नेपाल में सरकार के भ्रष्टाचार और हाल ही में सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। जेनरेशन जेड (Gen Z) के युवा सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कई प्रदर्शनकारी तो संसद भवन तक घुस गए। जब सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शनकारी बैरिकेड कूदकर इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया।
हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसू गैस के गोले दागे गए, पानी की बौछार की गई और कुछ स्थानों पर फायरिंग भी हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसक झड़पों में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। काठमांडू के न्यू बानेश्वर और झापा जिले का दमक इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है।
द हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, न्यू बानेश्वर में गोली लगने से घायल एक प्रदर्शनकारी ने सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई घायलों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। दमक में प्रदर्शनकारियों ने दमक चौक से नगरपालिका कार्यालय तक मार्च किया, जहां प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पुतला जलाया गया और कार्यालय के द्वार तोड़ने की कोशिश की गई। हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए सेना को तैनात कर दिया गया है।
