देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्त्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत उद्यमियों को उनके निवेश की राशि का चार गुना तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे राज्य में छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को नई ऊर्जा मिलेगी।
बिजनेस शुरू करने वालों को मिलेगा अतिरिक्त आर्थिक बल
राज्य के औद्योगिक विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति अपना लघु उद्योग या सेवा आधारित उद्यम शुरू करना चाहता है, तो सरकार न सिर्फ बैंक ऋण में सहायता करेगी बल्कि उसकी परियोजना लागत के चार गुना तक की वित्तीय मदद भी प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण, पर्वतीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
यह सुविधा उन सभी इच्छुक उद्यमियों के लिए उपलब्ध होगी, जो औद्योगिक या सेवा क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। सरकार विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग और उन लोगों को प्राथमिकता देगी जो पहाड़ी क्षेत्रों में निवेश करना चाहते हैं।
मूल शर्तें और आवेदन प्रक्रिया
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इच्छुक लाभार्थियों को औद्योगिक विकास विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
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परियोजना प्रस्ताव की समीक्षा के बाद पात्र पाए जाने पर ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
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बैंक द्वारा ऋण देने के साथ ही राज्य सरकार द्वारा आवश्यक गारंटी और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सेवा क्षेत्र पर विशेष फोकस
उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में ‘सेवा क्षेत्र नीति 2023’ भी लागू की है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी, फिल्म और मीडिया सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि, पूंजी और ब्याज अनुदान जैसे लाभ दिए जा रहे हैं। इस नीति को राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य में स्टार्टअप को भी मिलेगा बढ़ावा
इसके अतिरिक्त, सरकार राज्य में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ाने के लिए अलग से सहायता राशि और मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रही है। इसके अंतर्गत नवाचार, विपणन और बुनियादी ढांचे के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
