• Dehradun
  • February 22, 2026
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मोस्को। रूस की वोल्खोव नदी में डूबने से चार भारतीय छात्रों की मौत हो गई। भारतीय मिशन उनके शव जल्द से जल्द परिजनों तक पहुंचाने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। हादसे में जान गंवाने वाले चार भारतीय छात्रों में शामिल जीशान अशपाक पिंजरी नदी में डूबने से पहले अपने माता-पिता से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। उसके परिवार के एक सदस्य ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि रूस की यारोस्लाव-द-वाइज नोवगोरोद स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हर्षल अनंतराव देसाले, जीशान पिंजरी, जिया फिरोज पिंजरी और मलिक गुलामगौस मोहम्मद याकूब वोल्खोव नदी के पास घूम रहे थे और इस दौरान पानी के अंदर चले गए। अधिकारी ने बताया कि निशा भूपेश सोनावणे नाम की एक छात्रा जीवित बच गई और उसका इलाज चल रहा है।
जीशान और जिया भाई-बहन थे और महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अमलनेर के रहने वाले थे। हर्षल इसी जिले के भदगांव का रहने वाला था। जीशान के परिवार के एक सदस्य ने स्थानीय मीडिया को बताया, ‘जब वे वोल्खोव नदी में उतरे तो जीशान अपने परिजनों के साथ वीडियो कॉल पर था। उसके पिता और अन्य परिजन जीशान और अन्य छात्रों से बार-बार नदी से बाहर निकलने को कह रहे थे तभी एक जोरदार लहर आई और वे गहरे पानी में चले गए।
सेंट पीटर्सबर्ग में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि ये स्टूडेंट्स वेलिकी की नोवगोरोद स्टेट यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। महा वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, शोक-संतप्त परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं। स्थानीय अधिकारियों से संर्पक में महावाणिज्य दूतावास
महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि परिजनों तक शव जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए वेलिकी नोवगोरोद के स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क बना हुआ है। शोक-संतप्त परिवारों से संपर्क किया गया है और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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