देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान पाने वाले हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और राज्य के शीर्ष 50-50 विद्यालयों को भी पुरस्कृत किया गया।
शिक्षा में नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य और सामाजिक समरसता का समावेश होना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और वर्चुअल कक्षाओं के जरिए शिक्षा को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के छात्रों को “हमारी विरासत” पुस्तक के माध्यम से भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ा जा रहा है।
सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड 25 हजार युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है, जबकि राज्य बनने के शुरुआती 21 वर्षों में केवल 16 हजार नियुक्तियां हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग युवाओं की सफलता से परेशान होकर संगठित रूप से पेपर लीक के षड्यंत्र रच रहे हैं।
सख्त कार्रवाई का ऐलान
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू है। अब तक 100 से ज्यादा नकल माफिया जेल पहुंचाए जा चुके हैं। हाल ही में हुई परीक्षा गड़बड़ी की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जो एक-एक आरोपी को पकड़कर सजा दिलाएगी।
उन्होंने कहा, “सरकार भर्ती में देरी के कारण किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने देगी। पारदर्शिता और समयबद्धता हमारी प्राथमिकता है।”
अल्पसंख्यक शिक्षा कानून पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू हुआ है। इसके तहत 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे मान्य होंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। बिना शैक्षिक योग्यता वाले धार्मिक गुरुओं के माध्यम से बच्चों का भविष्य बिगाड़ने पर रोक लगेगी।
शिक्षा मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्रों की संख्या 18 प्रतिशत बढ़ी है। अंक सुधार परीक्षा की व्यवस्था से छात्रों का दबाव भी कम हुआ है।
कार्यक्रम में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
