• Dehradun
  • February 22, 2026
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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की जांच अब न्यायिक निगरानी में होगी। प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा को एसआईटी जांच का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में सचिव गृह शैलेश बगौली ने आदेश जारी किए हैं।

न्यायमूर्ति वर्मा करेंगे बारीकी से निगरानी

न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा एसआईटी (विशेष जांच दल) द्वारा की जा रही जांच की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। उन्हें आवश्यकता अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करने, शिकायतों और सूचनाओं का संज्ञान लेने तथा एसआईटी को मार्गदर्शन देने का अधिकार भी होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित हो।

एसआईटी का गठन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने 24 सितंबर को इस मामले में एसआईटी का गठन किया था।

अध्यक्ष: पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलोनी

टीम सदस्य: कुल 5 अधिकारी

एसआईटी को एक माह के भीतर सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

पारदर्शिता पर सरकार का जोर

राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नकल विरोधी कानून के तहत अब तक 100 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। न्यायिक पर्यवेक्षण से सरकार का उद्देश्य युवाओं और आम जनता के बीच भरोसा कायम करना है।

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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