20 मई को पुलिस सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, स्कूल और कार्यालय रहेंगे बंद
Bhuvan Chandra Khanduri का लंबे समय से बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की अंत्येष्टि 20 मई को पूरे राजकीय और पुलिस सम्मान के साथ संपन्न होगी। राजकीय शोक के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूलों तथा कई कार्यालयों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
राज्यपाल Gurmit Singh ने पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के विकास, सुशासन और सैनिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
Badrinath Kedarnath Temple Committee के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बीसी खंडूड़ी सादगी, ईमानदारी और अनुशासन की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की कठोरता और संवेदनशील राजनेता का व्यक्तित्व उनमें एक साथ दिखाई देता था।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि Atal Bihari Vajpayee की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए बीसी खंडूड़ी ने देश में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की मजबूत नींव रखी। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के विस्तार में ऐतिहासिक योगदान दिया।
बीसी खंडूड़ी को उत्तराखंड की राजनीति में साफ-सुथरी छवि, अनुशासित कार्यशैली और विकासवादी सोच के लिए जाना जाता था। उनका निधन प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
