टनकपुर (चंपावत), 2026। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जनपद के टनकपुर में आयोजित “युवा संवाद : युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं, सुझावों और विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना तथा उनके समाधान और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा उत्तराखंड के प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा शक्ति देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। वहीं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
उत्तराखंड में रोजगार और स्वरोजगार को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।
कृषि, पर्यटन और स्टार्टअप से बढ़ रहे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है और युवाओं का पलायन रोकने में भी सहायता मिल रही है।
पारदर्शी भर्ती से मिला युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों और सुशासन के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
खेलों में भी बढ़ रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह सिद्ध किया है कि देवभूमि अब खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रही है।
उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों की स्थापना से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
‘नो पेंडेंसी’ सिद्धांत पर कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें, नवाचार को अपनाएं और उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
