• Dehradun
  • February 22, 2026
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में बिजली लाइन मुआवजा, आवास एवं नगर नियोजन, वित्त, तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण, नागरिक उड्डयन, सहकारिता सहित कई अहम नीतिगत निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने बिजली लाइन से प्रभावित भूमि के मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों को अपनाने का निर्णय लिया। इसके तहत बिजली टावर और उसके एक मीटर परिधि क्षेत्र का मुआवजा सर्किल रेट का 200 प्रतिशत दिया जाएगा। साथ ही सर्किल रेट और बाजार दर के अंतर को लेकर एक समिति गठित की जाएगी, जो प्रभावित भूमि स्वामियों के हितों पर काम करेगी।

बैठक में सात अलग-अलग कानूनों के स्थान पर ‘जन विश्वास अधिनियम’ लाने को मंजूरी दी गई। इसके तहत 52 अधिनियमों को चिन्हित किया गया है। छोटे अपराधों में सजा की व्यवस्था में बदलाव करते हुए कारावास के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उदाहरण के तौर पर जैविक कृषि के अधिसूचित क्षेत्र में कीटनाशक के प्रयोग पर पहले एक साल की जेल और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान था, जिसे हटाकर अब पांच लाख रुपये जुर्माना कर दिया गया है।

आवास विभाग के चार प्रस्तावों को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली। ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त एफएआर देने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत प्लेटिनम ग्रेड को 5 प्रतिशत, गोल्ड को 3 प्रतिशत और सिल्वर ग्रेड को 2 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर मिलेगा।
कॉमर्शियल क्षेत्रों में ग्राउंड कवरेज के प्रतिबंध में ढील दी गई है और सभी के लिए सेटबैक आधारित नियम लागू होंगे। अब इको रिजॉर्ट के साथ सामान्य रिजॉर्ट भी बनाए जा सकेंगे, इसके लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 6 मीटर और मैदानी क्षेत्रों में 9 मीटर तय की गई है।
बहुमंजिला भवनों में सड़क स्तर की पार्किंग की ऊंचाई को भवन की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। मोटल श्रेणी को समाप्त कर दिया गया है।
इसके अलावा लैंड पूलिंग स्कीम और टाउन प्लानिंग स्कीम को मंजूरी दी गई। यह योजनाएं अनिवार्य नहीं होंगी, लेकिन जहां टाउनशिप विकसित की जाएगी, वहां भूमि के बदले व्यावसायिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

वित्त विभाग के तहत उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति दी गई।
तकनीकी शिक्षा विभाग में निर्णय लिया गया कि तकनीकी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी की भर्ती अब लोक सेवा आयोग के बजाय विश्वविद्यालय स्तर से की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता पदों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब समूह-ग के कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर सीधे कनिष्ठ अभियंता बन सकेंगे।

नागरिक उड्डयन विभाग के तहत नैनी सैणी एयरपोर्ट का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपने का निर्णय लिया गया। वहीं सितारगंज के कल्याणपुर क्षेत्र में पट्टे पर दी गई भूमि के नियमितीकरण के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट को आधार बनाया जाएगा।

डेयरी विकास एवं सहकारिता विभाग की मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण एवं साइलेज योजना में सब्सिडी 75 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।
लोक निर्माण विभाग के तहत देहरादून में रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को जीएसटी में छूट दी जाएगी, जिसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी।

कैबिनेट ने सगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर ‘इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम’ करने को भी मंजूरी दी। 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर कर में छूट देने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को स्वीकृति देते हुए यूपीएससी, नेट, गेट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग, लाइव क्लास और डाउट क्लीयरिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अभियोजन निदेशालय का मुख्यालय देहरादून में स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एक निदेशक की नियुक्ति होगी, जिसके लिए 15 वर्ष तक की अधिवक्ता अनुभव सीमा तय की गई है। जिलों में भी जिला स्तरीय अभियोजन निदेशालय बनाए जाएंगे। सात वर्ष से कम कारावास वाली धाराओं में अपील का निस्तारण जिला स्तर पर और उससे अधिक मामलों में राज्य स्तर पर किया जाएगा।

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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