• Dehradun
  • August 25, 2026
0 Comments

दिव्यांग बेटे और बेटी की जिम्मेदारी निभा रही महिला शोभा को 17 लाख के ऋण बीमा के बावजूद बैंक प्रताड़ित कर रहा था। डीएम के हस्तक्षेप से आईसीआईसीआई बैंक ने नो ड्यूज जारी कर घर के कागजात लौटाए।

समाचार रिपोर्ट:

देहरादून: दिव्यांग बेटे और बेटी की परवरिश कर रही महिला शोभा के लिए जीवन पहाड़ जैसा कठिन था। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद 17 लाख रुपये के ऋण का बोझ उस पर और उसके परिवार पर आ गया। जबकि ऋण बीमित था, फिर भी बैंक द्वारा लगातार वसूली की प्रताड़ना झेली जा रही थी।

विगत सप्ताह देर शाम विधवा शोभा अपने दिव्यांग बेटे-बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया और बैंक को सख्त निर्देश दिए गए।

एसडीएम न्याय कुमकुम जोशी पिछले दस दिनों से मामले का लगातार फॉलोअप कर रही थीं। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिया था कि यदि सोमवार तक बैंक ने नो ड्यूज जारी नहीं किया, तो शाखा कुर्क कर संपत्ति नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्ती का असर दिखा और अंततः आईसीआईसीआई बैंक ने घर जाकर शोभा को नो ड्यूज सर्टिफिकेट सौंपा और घर के कागजात लौटा दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समस्या कितनी भी विकट क्यों न हो, जिला प्रशासन जनता के साथ खड़ा है। शिक्षा, रोजगार, ऋणमाफी या संपत्ति वापसी—हर स्तर पर लोगों की मदद सुनिश्चित की जाएगी।

परिवार ने राहत की सांस लेते हुए जिला प्रशासन का आभार जताया।

Author

uttarakhandinsight18@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *