• Dehradun
  • March 28, 2026
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देहरादून।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ करते हुए कहा कि “उत्तराखंड खेल और पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बन चुका है।” इस आयोजन में देशभर की 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी शामिल हैं, प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि देवभूमि उत्तराखंड को 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का आभार जताते हुए वन विभाग और आयोजकों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि “खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं, जबकि वन संरक्षण हमारी जीवन-शैली का हिस्सा है। जब खेल और पर्यावरण चेतना साथ आते हैं, तो विकास का सबसे सुंदर रूप सामने आता है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति और 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य स्नेहा राणा को यह सम्मान दिया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य ने हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों को “ग्रीन गेम्स” की थीम पर संपन्न किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई थी। इसके साथ ही, 2.77 हेक्टेयर भूमि पर विकसित ‘खेल वन’ में 1600 रुद्राक्ष वृक्ष पदक विजेताओं के नाम पर लगाए गए हैं, जो खेल और हरित चेतना का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य का 71% भूभाग वनाच्छादित है, जो इसे देश का “ऑक्सीजन बैंक” और “वॉटर टॉवर ऑफ इंडिया” बनाता है। राज्य में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और डॉग स्क्वाड जैसी आधुनिक तकनीकों को वन्यजीव संरक्षण में लागू किया है, जबकि मानव-वन्यजीव संघर्ष मुआवजा राशि ₹6 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, ट्रेकिंग गाइड, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से कहा कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता जी के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह आयोजन हमेशा के लिए यादगार बन जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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