2007 बैच के आईएफएस अधिकारी ने व्यक्तिगत कारणों का दिया हवाला; कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं बडोला
देहरादून। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक साकेत बडोला ने भारतीय वन सेवा (IFS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) मांगी है। उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं। वन मुख्यालय ने उनका आवेदन शासन को भेज दिया है।
2007 बैच के आईएफएस अधिकारी साकेत बडोला ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के अपने निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि कई महीनों तक गहन विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से भारतीय वन सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला किया है।
प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण में योगदान को बताया संतोषजनक सफर
बडोला ने अपनी पोस्ट में अपने लंबे और संतोषजनक सेवाकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें जनता की सेवा करने, प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने और देश के जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझने के अवसर मिले। इसके लिए उन्होंने आभार भी व्यक्त किया।
प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल ने भी उनके वीआरएस आवेदन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि साकेत बडोला का आवेदन शासन स्तर पर भेज दिया गया है।
कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में संभाली अहम जिम्मेदारियां
साकेत बडोला वन विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में उप निदेशक के पद पर भी तैनात रहे। इसके बाद उन्होंने राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक की जिम्मेदारी संभाली और फिर उन्हें कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का निदेशक बनाया गया।पिछले वर्ष उन्हें वन संरक्षक से मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नति भी दी गई थी।



