• Dehradun
  • June 10, 2026
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किसानों का परिश्रम और सरकार की नीतियां मिलकर तैयार करेंगी स्वर्णिम भविष्य की नींव

पंतनगर, शुक्रवार।
उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित वृहद कृषक सम्मेलन का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में कृषि, उद्यान, दुग्ध, मत्स्य और सहकारिता क्षेत्रों के प्रगतिशील किसानों व लखपति दीदीयों को मुख्यमंत्री ने प्रतीक चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

“किसान का पसीना हमारी ताकत, उसका परिश्रम हमारी पूंजी” — मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसान भाईयों का परिश्रम और त्याग ही हमारी सच्ची पूंजी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निर्माण में किसानों ने न केवल अपनी मेहनत से बल्कि आत्मनिर्भर राज्य के सपने को साकार करने में भी अमूल्य योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल कृषि योजनाओं की समीक्षा नहीं बल्कि किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि किसानों का सशक्तिकरण ही राष्ट्र सशक्तिकरण की आधारशिला है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का “विकसित भारत” का सपना तभी साकार होगा जब किसान समृद्ध होंगे।

कृषि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का आधार है।
उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वयं किसान थे, इसलिए वे खेती को “देव उपासना” के समान मानते हैं।
उन्होंने कहा कि खेती से उन्हें आत्मिक शांति मिलती है और यह उन्हें अपनी मिट्टी और कर्म के प्रति सदैव सजग रखती है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनी किसानों के लिए वरदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों का सशक्तिकरण अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है।
देशभर के 11 करोड़ किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि “बीज से बाजार तक किसान को सुगम यात्रा और उचित मूल्य देना ही सरकार की प्राथमिकता है।”

किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज दे रही है और फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत 80% तक सब्सिडी प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि नहरों से सिंचाई पूरी तरह निशुल्क की जा चुकी है।
राज्य में पॉलीहाउस निर्माण के लिए ₹200 करोड़ की योजना से अब तक 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
गेहूं खरीद पर ₹20 प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के दाम में ₹20 प्रति क्विंटल वृद्धि भी की गई है।

कृषि में आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग ₹1,000 करोड़ की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है।
राज्य सरकार ने सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीतियाँ लागू की हैं, जिनमें किसानों को 80% तक सब्सिडी दी जा रही है।
राज्य में मशरूम उत्पादन 500 मीट्रिक टन से बढ़कर 27,390 मीट्रिक टन, जबकि शहद उत्पादन 3,320 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है।

टी-टूरिज्म और एरोमा खेती से बढ़ रहे रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान सहयोगित उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना (₹526 करोड़) टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में चलाई जा रही है।
राज्य में 9,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती से 28,000 से अधिक किसान जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि चाय उत्पादन 196 हेक्टेयर से बढ़कर 1,585 हेक्टेयर हो गया है और अब टी टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है — चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर के चाय बागान अब पर्यटन केंद्र बन रहे हैं।

“कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड हमारा लक्ष्य”

मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष में हम ‘उत्तराखंड का किसान — उत्तराखंड का गौरव’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों का परिश्रम, सरकार की नीतियाँ और केंद्र का सहयोग मिलकर एक स्वस्थ, समृद्ध और स्वर्णिम उत्तराखंड का निर्माण करेंगे।

कृषि मंत्री गणेश जोशी बोले — “किसान मजबूत होगा, तो देश मजबूत होगा”

कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में कृषि और उद्यान के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जवान और किसान दोनों की चिंता समान रूप से की है और किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ऐतिहासिक राशि भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि बागवानी के क्षेत्र में उत्तराखंड अब कश्मीर और हिमाचल के बाद तीसरे स्थान पर है और 1.65 लाख महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

विधायक तिलकराज बेहड़ ने मुख्यमंत्री का आभार जताया

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं किसानों से संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने किच्छा में औद्योगिक पार्क निर्माण और पंतनगर की सड़कों की मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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uttarakhandinsight18@gmail.com

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