आयुष विभाग के 271 और ईएसआई योजना के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र, सीएम बोले- पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से युवाओं को मिल रहा मेहनत और योग्यता का हक
देहरादून, 5 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के तहत नियुक्त किए गए 332 कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें आयुष विभाग के 271 और ईएसआई योजना के 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इसके साथ जनसेवा की एक नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है।
नौकरी नहीं, जनसेवा का माध्यम समझें जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कार्मिकों से कहा कि वे सरकारी सेवा को केवल नौकरी तक सीमित न रखें, बल्कि इसे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कार्मिकों की भूमिका सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों तक पहुंचने वाले लोगों के मन में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भरोसा होता है। कार्मिकों की संवेदनशीलता, तत्परता और कार्यकुशलता इस भरोसे को और मजबूत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में कार्मिकों का सही निर्णय और ईमानदार प्रयास जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने इसे प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
उत्तराखंड को आयुष प्रदेश और ग्लोबल वेलनेस हब बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। राज्य सरकार उत्तराखंड को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि ‘आयुष सेतु पोर्टल’ को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक होमस्टे को नजदीकी आयुर्वेद चिकित्सालयों की वेलनेस सेवाओं से जोड़ा गया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड आने वाले लोगों को योग, आयुर्वेद और पंचकर्म के माध्यम से स्वास्थ्य और मानसिक शांति का बेहतर अनुभव मिल सके।
सभी 13 जिलों में पहुंची ईएसआई स्वास्थ्य सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पहले ईएसआई योजना प्रदेश के छह जनपदों में संचालित थी, जिसे अब सभी 13 जनपदों तक विस्तारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि रुद्रपुर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि हरिद्वार में 300 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। काशीपुर में भी ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।



